महा मृत्युंजय मंत्र

महा मृत्युंजय मंत्र ☀☀☀☀☀

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टि वर्धनम उर्वारुकमिव बंधनान मृत्योर मुक्षीय मा अमृतात ||


भावार्थ :- " हे त्र्यम्बक वेदरूप पुण्यात्मा परमेश्वर ! मृत्यु के पाश से हमको बचाओ, जन्म-मरण से हमें मुक्त करो और हमको अमृतत्व प्रदान करो.

या के =

हे ईश्वर, जिनके तीन नेत्र हैं उनकी प्यार, सम्मान और आदर से उपासना करते हैं जिसमे संसार की समस्त सुगंध हैं अर्थात जिसका स्वभाव मीठा हैं जो सम्पूर्ण हैं जिसके कारण स्वस्थ जीवन हैं जो रोग,लालसा एवम बुराई का नाश करता है जिस कारण जीवन समृध्द होता हैं | उस एक अनश्वर से प्रार्थना हैं कि वह हमारे सारे बन्धनों को काटकर हमें मोक्ष का द्वारा दिखाए |"

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