विघ्ण-निवारण सब-सुख-कारण भक्त-उधारण देव-वरम दैत्या निवारण परसू धारण रिद्धी कारण देवव…
यह श्लोक भगवान गणेश जी की स्तुति में लिखा गया है, जिसमें उनकी विशेषताओं और दिव्य स्वरू…
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