माघ गुप्त नवरात्रि 2025 विशेष तांत्रिक और आध्यात्मिक महत्व रखती है। इस दौरान गुप्त रूप से देवी की पूजा और साधना की जाती है। यहां गुप्त नवरात्रि से जुड़ी मुख्य जानकारी दी गई है:
गुप्त नवरात्रि 2025 की तिथियां
शुरुआत: 30 जनवरी 2025, गुरुवार
समापन: 7 फरवरी 2025, शुक्रवार
घटस्थापना मुहूर्त
सुबह: 9:25 बजे से 10:46 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:56 बजे तक
पूजा का महत्व
गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं (काली, तारा, त्रिपुरसुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुरभैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला) की पूजा की जाती है।
देवी के 32 गुप्त नामों की आराधना की जाती है।
यह साधना तंत्र विद्या और सिद्धि प्राप्ति के लिए विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है।
पूजा का फल
देवी की आराधना से जीवन में सुख-समृद्धि, बाधाओं का निवारण और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
यह समय आत्मिक साधना और मानसिक शांति के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है।
यदि आप इस गुप्त नवरात्रि में कोई विशेष पूजा या अनुष्ठान करना चाहते हैं, तो इसे विधि-विधान से करने के लिए किसी विद्वान पंडित कुल पो रोहित की सलाह अवश्य लें।
पं़शशी भूषण दास
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