🌺 नवदुर्गा के मंत्र 🌺
प्रत्येक माता के लिए चार पंक्तियों में भक्तिपूर्ण दोहा-मंत्र
१. माँ शैलपुत्री
जय गिरिराज कुमारी माँ, करुणा की भंडार।
भक्तों के संकट हरहु, करहु भवसागर पार॥
वृषभ वाहिनी हे भवानी, शिव की शक्ति अपार।
शैलपुत्री माँ कृपा करो, रखियो लाज हमार॥
२. माँ ब्रह्मचारिणी
तप की ज्योति जगाइके, करती जग कल्याण।
ब्रह्मचारिणी मातु हे, पूरन करहु अरमान॥
जप-तप की शक्ति दो, मन में रहे विवेक।
माँ तेरी कृपा से मिटे, दुख-संकट अनेक॥
३. माँ चंद्रघंटा
मस्तक चंद्र विराजता, घंटा नाद अपार।
चंद्रघंटा माँ रक्षा करो, करुणा की भंडार॥
सिंह वाहिनी शक्ति माँ, दुष्टन का संहार।
भय-बाधा सब दूर कर, करहु सुखी परिवार॥
४. माँ कूष्मांडा
अपनी दिव्य मुस्कान से, रचि ब्रह्मांड विशाल।
कूष्मांडा माँ शक्ति दो, करहु भक्त निहाल॥
सूर्यमंडल में बसत हो, तेज तुम्हार महान।
रोग-शोक सब दूर कर, रखना सबका मान॥
५. माँ स्कंदमाता
कार्तिकेय गोद में, शोभित रूप महान।
स्कंदमाता कृपा करो, दो सुख और सम्मान॥
कमलासन पर विराजती, ममता की अवता ऊतकोंर।
ज्ञान-भक्ति से भरि दओ, जीवन सुखमय सार॥
६. माँ कात्यायनी
ऋषि कात्यायन की सुता, सिंह वाहिनी माँ।
दुष्ट दलन कर भक्त हित, कृपा करहु भवानी॥
कात्यायनी शक्ति दो, मन में रहे उजास।
धर्म-कर्म में सिद्धि दो, पूर्ण करहु आस॥
७. माँ कालरात्रि
घोर अंधेरी रात में, बनती शक्ति महान।
कालरात्रि माँ रक्षा करो, भक्तों का कल्याण॥
दुष्ट विनाशिनी मातु हे, हरहु सकल संताप।
भय-बाधा सब दूर कर, मिटा सकल अभिशाप॥
८. माँ महागौरी
श्वेत वस्त्र तन पर सजे, उज्ज्वल रूप अपार।
महागौरी माँ कृपा करो, भवसागर से तार॥
पवित्र हृदय प्रदान कर, भर दो सुख-संतोष।
तेरी कृपा से दूर हों, जीवन के सब दोष॥
९. माँ सिद्धिदात्री
अष्ट सिद्धि नव निधि दओ, हे माता सुखधाम।
सिद्धिदात्री जगदंबिका, शत-शत तुम्हें प्रणाम॥
ज्ञान-बुद्धि और भक्ति दो, पूर्ण करो सब काम।
चरण कमल में भक्ति रहे, जपत रहूँ तव नाम॥
0 टिप्पणियाँ